Prashant kishor
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने यह फैसला संगठन के हित के लिए लिया है। उन्होंने कहा कि अगर वह चुनाव लड़ते, तो उन्हें संगठनात्मक काम से ध्यान हटाना पड़ता। इसी कारण राघोपुर सीट से पार्टी ने चंचल सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि उम्मीद थी कि किशोर वहां से तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं।

किशोर ने कहा कि पार्टी का प्रदर्शन या तो बहुत अच्छा होगा या बहुत खराब—उन्होंने आंकड़ा दिया कि या तो 10 से कम सीटें मिलेंगी या 150 से अधिक। अगर पार्टी को 150 से कम सीटें मिलती हैं, तो वह इसे व्यक्तिगत हार मानेंगे। यदि अच्छा प्रदर्शन हुआ, तो राज्य को टॉप 10 विकसित राज्यों में लाने का मौका मिलेगा, वरना जन आंदोलन जारी रहेगा।
किशोर ने यह भी भविष्यवाणी की है कि एनडीए की हालत बेहद खराब है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 25 सीट भी नहीं जीत पाएगी। उन्होंने दावा किया है कि एनडीए की सरकार नहीं लौटेगी और बिहार की राजनीति का रुख बदल जाएगा। बिहार चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे, और 14 नवंबर को गिनती होगी.
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